राजधानी में अकेले ही नहीं , बल्कि परिवार के साथ रह रहे बुजुर्ग भी सुरक्षित नहीं हैं |पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार में शुक्रवार तड़के ऐसी ही एक वारदात सामने आई | चार हथियार बंद बदमाश यहाँ के दयानंद विहार इलाके में स्थित एक घर में घुसे और वहां मौजूद बुज़ुर्ग दम्पति व उनके दोनों बच्चों को बंधक बना कर लाखों कि लूट को अंजाम दे गए | आन्नद विहार थाने में लूटपाट का मामला दर्ज करके पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है| वारदात के तरीके को देखते हुए पुलिस को इसमें बांग्लादेसी बदमाशों के किसी गिरोह का हाथ होने का शक है|
घटनास्थल से मिली जानकारी के मुताबिक ६८ वर्षीय गुलशन राय गंभीर पिछले १६ सालों से अपने परिवार के साथ दयानंद विहार में रह रहे थे| गुलशन NCRT में एकेडमिक प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर थे और ८ साल पहले रिटायर हुए थे | उनके परिवार में पत्नी शशि (65) के अलावा बेटी मीता (26) और बेटा तरुण (23) भी है | मीता और तरुण अभी अविवाहित है | मीता घर के पास ही एक पब्लिक स्कूल में टीचर है | जबकि तरुण एक नामी कम्पनी में जॉब करता है | गुलशन का घर सिर्फ ग्राउंड फ्लोर का है | उनके यहाँ कोई किरायदार नहीं रहता | केवल एक पार्ट टाइम मेड है , जो सुबह आती है , और अपना काम करके चली जाती है| गुलशन का घर इस कालोनी का सबसे आखरी का घर है | और एक कोने में बना हुआ है | घर के पीछे एक बाउंड्री वाल है ,जिसके दूसरी तरफ गन्दा नाला ,जंगल और रेलवे ट्रैक है | बगल में एक छोटा सा पार्क बना हुआ है | शुक्रवार तड़के ४:३० बजे के करीब जंगल कि और से कुछ बदमाश गुलशन के घर और पार्क के कोने में बनी बाउंड्री वाल के पास आए | चूंकि दीवार दीवार काफी ऊँची है और उसके ऊपर कंटीले तार और शीशे के टुकड़े भी लगे है |इसलिए बदमाशो ने उसपर जाने के लिए दूसरा रास्ता अपनाया |उनोने बाउंड्री वाल का कुछ हिस्सा तोड़ा और वहन से कूदकर पार्क में आ गए | इसके बाद उन्होंने किचन कि खिड़की कि ग्रिल उखाड़ने कि कोशिश कि ,लेकिन नाकाम होने पर बाथरूम कि खिड़की को टार्गेट किया | उन्होंने खिड़की पर लगी जाली उखड़ी और ग्रिल निकलकर घर में दाखिल हो गए |
चारो बदमाशो ने कपड़ो से मुह धक् रखा था |और मंकी केप भी पहन राखी थी |चारो के पास बड़े-बड़े चाकू थे |एक बदमाश के पास पिस्तोल भी थी |बदमाश सबसे पहले गुलशन के कमरे में दाखिल हुए और वहां सो रहे बुजुर्ग दम्पति के हाथ पैर बांद दिए |बदमाशो ने डराने के लिए गुलशन कि हथेली और गर्दन भी चाक़ू से खरोंच दी ,ताकि कोई विरोध न कर सके | इसके बाद बदमाशो ने मीता और तरुण के भी हाथ पैर बंद दिए | और घर कि तलाशी शुरू कर दी |बदमाश करीब ४५ मिनट तक घर में रहे |और उन्होंने इत्मिनान से घर कि तलाशी ली |परिजनों ने जो जूलरी पहन राखी थी ,उसे भी बदमाशो ने उतरवा लिया | जूलरी , केश , व अन्य कीमती सामान के अलावा बदमाश घर के चारो सदस्यों का मोबाइल भी ले गए | जाने से पहले बदमाशो ने सबको धमकाया कि अगर कोई बाहर निकला या किसी ने शोर मचाया , तो जान जान से मार देंगे |तड़के सुबह ५:३० बदमाश घर से बाहर निकल गए | दिल्ली में आज के समय में कोई भी सुरक्षित nahi
घटनास्थल से मिली जानकारी के मुताबिक ६८ वर्षीय गुलशन राय गंभीर पिछले १६ सालों से अपने परिवार के साथ दयानंद विहार में रह रहे थे| गुलशन NCRT में एकेडमिक प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर थे और ८ साल पहले रिटायर हुए थे | उनके परिवार में पत्नी शशि (65) के अलावा बेटी मीता (26) और बेटा तरुण (23) भी है | मीता और तरुण अभी अविवाहित है | मीता घर के पास ही एक पब्लिक स्कूल में टीचर है | जबकि तरुण एक नामी कम्पनी में जॉब करता है | गुलशन का घर सिर्फ ग्राउंड फ्लोर का है | उनके यहाँ कोई किरायदार नहीं रहता | केवल एक पार्ट टाइम मेड है , जो सुबह आती है , और अपना काम करके चली जाती है| गुलशन का घर इस कालोनी का सबसे आखरी का घर है | और एक कोने में बना हुआ है | घर के पीछे एक बाउंड्री वाल है ,जिसके दूसरी तरफ गन्दा नाला ,जंगल और रेलवे ट्रैक है | बगल में एक छोटा सा पार्क बना हुआ है | शुक्रवार तड़के ४:३० बजे के करीब जंगल कि और से कुछ बदमाश गुलशन के घर और पार्क के कोने में बनी बाउंड्री वाल के पास आए | चूंकि दीवार दीवार काफी ऊँची है और उसके ऊपर कंटीले तार और शीशे के टुकड़े भी लगे है |इसलिए बदमाशो ने उसपर जाने के लिए दूसरा रास्ता अपनाया |उनोने बाउंड्री वाल का कुछ हिस्सा तोड़ा और वहन से कूदकर पार्क में आ गए | इसके बाद उन्होंने किचन कि खिड़की कि ग्रिल उखाड़ने कि कोशिश कि ,लेकिन नाकाम होने पर बाथरूम कि खिड़की को टार्गेट किया | उन्होंने खिड़की पर लगी जाली उखड़ी और ग्रिल निकलकर घर में दाखिल हो गए |
चारो बदमाशो ने कपड़ो से मुह धक् रखा था |और मंकी केप भी पहन राखी थी |चारो के पास बड़े-बड़े चाकू थे |एक बदमाश के पास पिस्तोल भी थी |बदमाश सबसे पहले गुलशन के कमरे में दाखिल हुए और वहां सो रहे बुजुर्ग दम्पति के हाथ पैर बांद दिए |बदमाशो ने डराने के लिए गुलशन कि हथेली और गर्दन भी चाक़ू से खरोंच दी ,ताकि कोई विरोध न कर सके | इसके बाद बदमाशो ने मीता और तरुण के भी हाथ पैर बंद दिए | और घर कि तलाशी शुरू कर दी |बदमाश करीब ४५ मिनट तक घर में रहे |और उन्होंने इत्मिनान से घर कि तलाशी ली |परिजनों ने जो जूलरी पहन राखी थी ,उसे भी बदमाशो ने उतरवा लिया | जूलरी , केश , व अन्य कीमती सामान के अलावा बदमाश घर के चारो सदस्यों का मोबाइल भी ले गए | जाने से पहले बदमाशो ने सबको धमकाया कि अगर कोई बाहर निकला या किसी ने शोर मचाया , तो जान जान से मार देंगे |तड़के सुबह ५:३० बदमाश घर से बाहर निकल गए | दिल्ली में आज के समय में कोई भी सुरक्षित nahi