Saturday, 15 January 2011

agva bachche ka kankal baramad , teen griftar

 


                   कड़की दूर करने के लिए तीन बेरोजगारों ने मिलकर स्क्रैप डीलर के बेटे का अपहरण किया। आरोप है कि अपहरण करते ही उन्होंने बच्चे की हत्या कर लाश ठिकाने लगा दी। वारदात के आठ दिन बाद उन्होंने स्क्रैप डीलर को फोन कर उनसे बेटे की सकुशल रिहाई की एवज में 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी। इससे पहले कि वे फिरौती की रकम वसूल पाते पुलिस ने उन्हें धर दबोचा। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर बच्चे का कंकाल भी बरामद कर लिया। मुलजिमों के नाम अनिल कुमार शर्मा उर्फशेट्टी (42), मनीष शर्मा उर्फ पप्पन (23) और निखिल उर्फ सुमित (18) हैं।

डीसीपी (ईस्ट) आई. बी. रानी ने बताया कि झिलमिल कॉलोनी में रहने वाले धर्म सिंह का स्क्रैप का बिजनेस है। उनका बेटा विकास उर्फ गोलू (14) सातवीं क्लास में  पढ़ता था। 15 दिसंबर को उन्होंने विवेक विहार थाने में अपने बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने उनके बयान पर अपहरण का केस दर्ज किया था। 23 दिसंबर को अपहर्ताओं ने धर्म सिंह के पास फोन कर उनसे बेटे की सकुशल रिहाई की एवज में 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी। अगले दिन भी फोन किया। अपहर्ताआंे ने सभी कॉल पीसीओ बूथ से की।

पुलिस ने अपहर्ताओं की धरपकड़ के लिए स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर राकेश दीक्षित की देखरेख में एसआई विनायक यादव, सतेंद्र खारी, एएसआई सतपाल सिंह, कॉन्स्टेबल प्रवीण और लोकेंद्र सहित अन्य पुलिसकर्मियों की एक टीम बनाई गई। जांच से पता चला अपहर्ताओं ने अब तक जितनी भी कॉल की वे सभी लोनी और करावल नगर के पीसीओ बूथ से की गई है। शुक्रवार दोपहर अपहर्ताओं ने बच्चे के पिता को किसी मोबाइल से फोन किया और आठ लाख रुपये लेकर बच्चा छोड़ने के लिए तैयार हो गए।

छानबीन के दौरान पुलिस को धर्म सिंह के परिचित अनिल कुमार शर्मा पर शक हुआ। वह पहले झिलमिल इलाके में ही रहता था, लेकिन पिछले कुछ समय से वह करावल नगर इलाके में रह रहा था। पुलिस ने अनिल को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने गुमराह किया। लेकिन उसके दो छोटे बच्चों ने पुलिस को बता दिया कि पापा एक मोटे लड़के को साथ लेकर आए थे। इसके बाद अनिल ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

पुलिस ने उसके दो साथियों को भी धर दबोचा। उनकी निशानदेही पर ट्रांसफार्मर के लिए बनाए गए कमरे से बच्चे का कंकाल भी बरामद किया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मनीष और निखिल ही बच्चे के पिता से फोन पर बात करते थे। उन्होंने 31 दिसंबर को गांधी नगर से फर्जी आईडी पर सिम कार्ड खरीदकर बच्चे के पिता से बात की। पूछताछ के दौरान इस बात का भी खुलासा हुआ कि अपहरण करने से पहले अनिल ने 3-4 दिन तक बच्चे को खूब खिलाया पिलाया।

अनिल 1992 में रिजर्व बैंक में अस्थायी कर्मचारी के तौर पर काम करता था। वह सवा साल से बेरोजगार था। उसका दूसरा साथी भी बेरोजगार है, जबकि तीसरा साथी बारहवीं क्लास की पढ़ाई कर रहा है। 

बेरोजगारी ने हमारे देश में जुर्म  के ग्राफ को इतना बड़ा दिया है कि देश के दबंग कि तादाद भी बदती जा रही है |

Wednesday, 12 January 2011

sex raicket me 4 griftar



मालवीय नगर।। नए साल की पार्टियों की तैयारी कर रहे सेक्स रैकेट में शामिल चार लड़कियों और उनके दलाल को गिरफ्तार किया गया है। ये लोग मॉल्स में अपने क्लाइंटों से डीलिंग करते थे।

डीसीपी (साउथ) हरगोविंद धालीवाल के मुताबिक, कुछ कॉल गर्ल्स साकेत में मॉल्स के आसपास लोगों को पेड सेक्स के लिए फंसा रही हैं। यह भी जानकारी मिली थी कि ये लड़कियां और इनके पिंप खिड़की एक्सटेंशन में रहते हैं। ऐसे ही एक रैकेट का पिंप मालवीय नगर मेट्रो स्टेशन के नजदीक लड़कियों को सप्लाई करने के लिए आएगा। मुखबिर ने उस व्यक्ति का मोबाइल नंबर भी दे दिया। पुलिस ने मोबाइल फोन पर कॉल कर उसके साथ डीलिंग की। पिंप ने फोन पर बताया कि वह पंचशील विहार में अपने घर पर लड़कियां मुहैया कराएगा। उसने बताया कि घर पर तीन-चार सेक्स वर्कर्स हैं। एक लड़की का चार्ज पांच हजार रुपये होगा।

एसआई अमित चौधरी को फर्जी कस्टमर और पारस वर्मा को शैडो विटनेस बनाया गया। फर्जी कस्टमर पंचशील विहार में -115 में फर्स्ट फ्लोर पर पहुंच गया। पिंप ने उसे चार लड़कियां दिखाई। चारों ने इस कस्टमर की ओर अश्लील इशारे किए। इसी दौरान सिग्नल मिलने पर एसएचओ जरनैल सिंह की टीम ने रेड डाल दी। चारों लड़कियों और पिंप को गिरफ्तार कर लिया गया। डीसीपी ने बताया कि पिंप का नाम सुनील दुबे (29) है। लड़कियों की उम्र 19 से 26 साल के दरम्यान है।

डीसीपी ने बताया कि सुनील दुबे न्यू ईयर के जश्न में अपने रैकेट से खासी रकम कमाने का प्लान बना रहा था। पंचशील विहार में उसका किराए का घर है। यहां उसने चार लड़कियां रखी हुई थी। वह हर लड़की पर पांच हजार रुपये लेता था। इसमें वह अपना हिस्सा भी लेता था। पहले वह गाजियाबाद में ऑपरेट करता था, लेकिन एक महीना पहले क्रिसमस और नए साल के मौके पर ज्यादा कमाई के मकसद से वह साउथ दिल्ली में शिफ्ट हो गया था। उसने सुना था कि इन अवसरों पर साउथ दिल्ली में ज्यादा कमाई हो सकती है। ये लोग साकेत की मॉल्स में कस्टमर खोजते थे। सुनील दुबे कानपुर का मूल निवासी है। उसके पिता किसान हैं। वह गाजियाबाद में सेक्स रैकेट चलाने के मकसद से ही बसा था। वहां उसने कुख्यात दलाल रमेश से इस धंधे के गुर सीखे थे।

 आज के समाज में लड़को के साथ लडकिय भी भी गलत कार्यो में अपने हाथ आजमा रही है | बिना किसी से डरे बिगेर ||.

Tuesday, 11 January 2011

vyapari ko goli markar bag chheena


               जीटीबी एनक्लेव : नॉर्थ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के जीटीबी एनक्लेव इलाके में 29 दिसंबर  बुधवार रात दो बदमाशों ने एकव्यवसायी को गोली मार दी और उनके हाथों से बैग छीनकर फरार हो गए। घायल व्यवसायी को अस्पताल में भर्ती करायागया। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि बैग में पैसे थे या कुछ और, यह अभी पता नहीं चल पाया है।हालांकि सूत्रों की मानें तो बैग में करीब दो-ढाई लाख रुपये थे।

पुलिस
सूत्रों के मुताबिक, गाजियाबाद के सूर्य नगर इलाके में रहने वाले संजीव जैन (45) की झिलमिल इलाके में कपड़ों परलगाने वाले सितारों की फैक्ट्री है। बुधवार रात 8:15 बजे के करीब वह फैक्ट्री से निकलकर अपनी कार की तरफ जा रहे थे, जोकुछ दूर खड़ी हुई थी। उनके हाथों में एक बैग था। जैसे ही वह कार के पास पहुंचकर दरवाजा खोलने लगे, तभी बाइक पर दोबदमाश आए और उन्होंने संजीव पर फायरिंग कर दी। संजीव को दो गोलियां लगीं और बदमाश उनके हाथों से बैग छीनकरफरार हो गए। घटना के वक्त संजीव की ऑफिस असिस्टेंट भी वहीं मौजूद थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची औरसंजीव को जीटीबी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। पुलिस देर रात तक मामले की छानबीन में जुटी हुई थी।

             किसी  इन्सान कि जिंदगी कि कमाई  , कुछ पल में छू मंतर हो गई | क्या पुलिस इन बढ़ते अपराध को रोक नहीं सकती ???..........

Monday, 10 January 2011

gang rape ke aaropi yuvko ne pese bhi ainthe

शेयर ट्रेडिंग एजेंट का काम करने वाली युवती के साथ गैंगरेप करने और उसकी अश्लील तस्वीरें खींचकर उसे ब्लैकमेल करने के आरोप में पुलिस ने पानीपत में रहने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। युवती ने यह भी आरोप लगाया है कि इनमें से एक लड़के ने धोखे से उसकी अश्लील तस्वीरें भी खींच लीं और उनके जरिए उसे ब्लैकमेल करके उससे एक लाख 60 हजार रुपये भी ऐंठ लिए। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल और लैपटॉप भी जब्त किए हैं और उन्हें जांच के लिए भेजा है।

डीसीपी (साउथ डिस्ट्रिक्ट) एच. जी. एस. धालीवाल के मुताबिक रोहिणी के सेक्टर-3 में रहने वाली 25 साल की भावना (बदला हुआ नाम) ने बुधवार को सफदरजंग एनक्लेव थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए पानीपत के रहने वाले 21-22 साल के दो युवकों सोनू ढींगरा और सुमित पर गैंग रेप और ब्लैकमेलिंग आरोप लगाया था।

डीसीपी के मुताबिक युवती की तीन महीने पहले फेसबुक के जरिए सोनू से पहचान हुई थी। वे इंटरनेट, वेबकैम और मोबाइल पर चैटिंग करने लगे और उनके बीच अच्छी दोस्ती हो गई। 20 दिसंबर को सोनू दिल्ली आया और भावना को बहाने से हौज खास विलेज स्थित एक फ्लैट पर ले गया, जहां उसका दोस्त सुमित भी मौजूद था। युवती का आरोप है कि वहां उन्होंने उसे नशीली दवा मिला ड्रिंक पिलाया और जबर्दस्ती शराब पिलाने के बाद उसके साथ गैंग रेप किया। युवती की कंप्लेंट के आधार पर मामला दर्ज करके गुरुवार को पुलिस ने सोनू व सुमित को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के मुताबिक सोनू इग्नू से बी. कॉम. (थर्ड ईयर) की पढ़ाई कर रहा है, जबकि सुमित किसी इंस्टिट्यूट से टेक्सटाइल डिजाइनिंग का कोर्स कर रहा है। पीडि़त युवती तलाकशुदा है और अपने भाई के साथ रहती है। वह प्राइवेट जॉब भी करती है। पुलिस युवती द्वारा लगाए गए ब्लैकमेलिंग और पैसे ऐंठने के आरोपों की भी जांच कर रही है। 

                               यही है दिल्ली के दबंग ,जो किसी से नहीं डरते , और जुर्म पे जुर्म करते रहते है  |

rahasmay halat me ma - beti ki mot

                      साउथ वेस्ट दिल्ली में एक घर में मां और उनकी मासूम बेटी के रहस्यमय हालात में शव बरामद हुए। महिला के मायके वालों ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस के मुताबिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही स्थिति साफ हो सकेगी।

यह घटना बिंदापुर इलाके के मटियाला में हुई। यहां भरत गार्डन में मीनू शर्मा (32) अपनी ससुराल में रहती थीं। उनकी शादी राहुल शर्मा से सन् 2004 में हुई थी। मीनू ने अपने भाई विक्की नागी की बेटी युक्ता (6) को गोद लिया हुआ था। राहुल शर्मा पहले अपने घर से ही लोगों को लोन दिलाने का काम करता था और आजकल मुंबई में कोई प्राइवेट बिजनेस करता है। मीनू और युक्ता भरत गार्डन में ही रहते थे।

31 दिसंबर  सुबह घर में दोनों के शव बरामद हुए। डीसीपी (वेस्ट) शरद अग्रवाल ने बताया कि दोनों के शव एक ही कमरे में थे। उन्होंने बताया कि मीनू के गले में रस्सी बंधी हुई थी, लेकिन पुलिस के पहुंचने पर उनका शव छत के पंखे से लटका हुआ नहीं बल्कि बिस्तर पर मिला था। सुबह 7:30 बजे पुलिस कॉल मीनू की ससुराल वालों ने की थी। उनके मुताबिक, मीनू के कमरे का दरवाजा नहीं खुल रहा था। उनके देवर ने दरवाजा तोड़ा तो मीनू की लाश पंखे से लटकी हुई और युक्ता का शव बिस्तर पर मिला। कमरे का सामान अस्तव्यस्त था।
बिंदापुर पुलिस ने दोनों शव पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिए हैं।

डीसीपी के मुताबिक, मौत की वजह और वक्त पोस्टमॉर्टम में मालूम हो जाएगा। इस रिपोर्ट से जानकारी मिलेगी कि मीनू की मौत फांसी लगाकर की गई आत्महत्या थी या गला घोंटकर उनकी हत्या की गई थी। युक्ता के गले में रस्सी नहीं थी। यह माना जा रहा है कि उसकी हत्या गला दबाकर की गई थी। मीनू की शादी को सात साल से कम होने के कारण पुलिस ने इलाकाई एसडीएम को जांच के लिए कहा है। एसडीएम मौके पर गए थे। वह मीनू की ससुराल वालों और मायके वालों के बयान दर्ज करेंगे। राहुल शर्मा को खबर दे दी गई है। वह मुंबई से दिल्ली रहे हैं। डीसीपी शरद अग्रवाल ने कहा कि अभी पुलिस इस नतीजे पर नहीं पहुंची है कि यह घटना मर्डर और स्यूसाइड है या दोनों की हत्या की गई है। पुलिस की तहकीकात जारी है।

 ये है हमारी दिल्ली , घटनाओ के सय्ह अपराधो कि दिल्ली ......

Sunday, 9 January 2011

chalti train ke aage fenk kar hatya

आनंद विहार ;           भाभी के साथ अवैध संबंध रखने वाले किराएदार को ठिकाने लगाने के लिए देवर ने एक नायाब योजना बनाई। उसने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर किराएदार की हत्या कर दी, लेकिन वारदात को इस तरह अंजाम दिया कि वह हत्या नहीं हादसा लगे। उन्होंने किराएदार को चलती ट्रेन के आगे फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। लेकिन नौसिखिये आरोपियों ने एक गलती कर दी। वे मृतक की जेब से उसका मोबाइल निकालना भूल गए। उसी मोबाइल से न केवल मृतक की पहचान हुई, बल्कि वारदात का राज भी खुल गया। छानबीन के बाद रेलवे पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर आनंद विहार स्थित रेलवे पुलिस स्टेशन में मर्डर केस दर्ज कर लिया। आरोपी की पहचान सुदामापुरी (गाजियाबाद) निवासी गणेश (21) के रूप में हुई। वारदात में शामिल उसका चचेरा भाई सोनू अब तक फरार है। पुलिस उसे भी तलाश रही है।

                                    डीसीपी (क्राइम ब्रांच) अशोक चांद के मुताबिक, 20 दिसंबर को रेलवे पुलिस ने गणेश नगर स्थित रेलवे ट्रैक पर फ्लाईओवर नंबर 29 के नीचे से एक युवक की लाश बरामद की थी। उसे गंभीर चोटें लगी थीं। देखने से लग रहा था कि शायद किसी ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हुई होगी। उसकी शिनाख्त करने के लिए पुलिस ने जब उसके कपड़ों की तलाशी ली, तो उसकी जेब से एक मोबाइल मिला। पुलिस ने जब मोबाइल में मौजूद नंबरों पर संपर्क किया, तो मृतक की पहचान अनिल कुमार (26) के रूप में हुई।


जांच में पता चला कि मूल रूप से यूपी के गौतमबुद्ध नगर जिले का रहने वाला अनिल गाजियाबाद के सुदामापुरी में किराए पर रहता था और आखिरी बार उसे गणेश व सोनू के साथ देखा गया था। पुलिस ने जब पूछताछ के लिए गणेश को बुलाया, तो देखा कि उसके सिर, हाथ और चेहरे पर चोट के ताजे निशान बने हुए थे। शुरुआत में पुलिस को बरगलाने के लिए उसने कहा कि उसका एक्सिडेंट हो गया था, जिसकी वजह से उसे चोटें लगीं, लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो पता चला कि अनिल की मौत हादसा नहीं हत्या थी।
डीसीपी के मुताबिक, अनिल सुदामापुरी स्थित जिस मकान में किराए पर रह रहा था, वह गणेश का ही मकान है। गणेश का बड़ा भाई और भाभी भी उसी मकान में रहते हैं, जबकि सोनू पड़ोस के मकान में रहता है। पूछताछ में पता चला कि अनिल के गणेश की भाभी के साथ अवैध संंबंध थे। यह बात गणेश को पता चल गई और उसने सोनू के साथ मिलकर अनिल को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। 19 तारीख को वे दोनों बहाने से साउथ गणेश नगर में रहने वाले अनिल के रिश्तेदार छत्रपाल के घर पहुंचे और वहां मौजूद अनिल को किसी काम के बहाने अपने साथ ले गए। हालांकि अनिल उनके साथ नहीं जाना चाहता था, लेकिन जब दोनों ने दबाव बनाया तो अनिल राजी हो गया। शाम 7:30 बजे के करीब गणेश और सोनू अनिल को लेकर रेलवे ट्रैक के पास पहुंचे।जब गणेश ने देखा कि गाजियाबाद की ओर से एक ट्रेन आ रही है , तो उसने अवैध संबंधों की बात पर अनिल से झगड़ा और मारपीट शुरू कर दी। उसी दौरान गणेश को भी चोटें लगीं। तभी सोनू और गणेश ने मिलकर अनिल को जकड़ लिया और जैसे ही ट्रेन वहां पहुंची , उन्होंने अनिल को ट्रेन के आगे फेंक दिया। अनिल ट्रेन से टकराकर ट्रैक के दूसरी ओर जा गिरा। उसे गंभीर चोटें लगीं और उसने वहीं दम तोड़ दिया। वारदात के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए।

                                           रेलवे पुलिस ने अपना काम बड़ी बखूबी से निभाया |