मालवीय नगर।। नए साल की पार्टियों की तैयारी कर रहे सेक्स रैकेट में शामिल चार लड़कियों और उनके दलाल को गिरफ्तार किया गया है। ये लोग मॉल्स में अपने क्लाइंटों से डीलिंग करते थे।
डीसीपी (साउथ) हरगोविंद धालीवाल के मुताबिक, कुछ कॉल गर्ल्स साकेत में मॉल्स के आसपास लोगों को पेड सेक्स के लिए फंसा रही हैं। यह भी जानकारी मिली थी कि ये लड़कियां और इनके पिंप खिड़की एक्सटेंशन में रहते हैं। ऐसे ही एक रैकेट का पिंप मालवीय नगर मेट्रो स्टेशन के नजदीक लड़कियों को सप्लाई करने के लिए आएगा। मुखबिर ने उस व्यक्ति का मोबाइल नंबर भी दे दिया। पुलिस ने मोबाइल फोन पर कॉल कर उसके साथ डीलिंग की। पिंप ने फोन पर बताया कि वह पंचशील विहार में अपने घर पर लड़कियां मुहैया कराएगा। उसने बताया कि घर पर तीन-चार सेक्स वर्कर्स हैं। एक लड़की का चार्ज पांच हजार रुपये होगा।
एसआई अमित चौधरी को फर्जी कस्टमर और पारस वर्मा को शैडो विटनेस बनाया गया। फर्जी कस्टमर पंचशील विहार में ए-115 में फर्स्ट फ्लोर पर पहुंच गया। पिंप ने उसे चार लड़कियां दिखाई। चारों ने इस कस्टमर की ओर अश्लील इशारे किए। इसी दौरान सिग्नल मिलने पर एसएचओ जरनैल सिंह की टीम ने रेड डाल दी। चारों लड़कियों और पिंप को गिरफ्तार कर लिया गया। डीसीपी ने बताया कि पिंप का नाम सुनील दुबे (29) है। लड़कियों की उम्र 19 से 26 साल के दरम्यान है।
डीसीपी ने बताया कि सुनील दुबे न्यू ईयर के जश्न में अपने रैकेट से खासी रकम कमाने का प्लान बना रहा था। पंचशील विहार में उसका किराए का घर है। यहां उसने चार लड़कियां रखी हुई थी। वह हर लड़की पर पांच हजार रुपये लेता था। इसमें वह अपना हिस्सा भी लेता था। पहले वह गाजियाबाद में ऑपरेट करता था, लेकिन एक महीना पहले क्रिसमस और नए साल के मौके पर ज्यादा कमाई के मकसद से वह साउथ दिल्ली में शिफ्ट हो गया था। उसने सुना था कि इन अवसरों पर साउथ दिल्ली में ज्यादा कमाई हो सकती है। ये लोग साकेत की मॉल्स में कस्टमर खोजते थे। सुनील दुबे कानपुर का मूल निवासी है। उसके पिता किसान हैं। वह गाजियाबाद में सेक्स रैकेट चलाने के मकसद से ही बसा था। वहां उसने कुख्यात दलाल रमेश से इस धंधे के गुर सीखे थे।
डीसीपी (साउथ) हरगोविंद धालीवाल के मुताबिक, कुछ कॉल गर्ल्स साकेत में मॉल्स के आसपास लोगों को पेड सेक्स के लिए फंसा रही हैं। यह भी जानकारी मिली थी कि ये लड़कियां और इनके पिंप खिड़की एक्सटेंशन में रहते हैं। ऐसे ही एक रैकेट का पिंप मालवीय नगर मेट्रो स्टेशन के नजदीक लड़कियों को सप्लाई करने के लिए आएगा। मुखबिर ने उस व्यक्ति का मोबाइल नंबर भी दे दिया। पुलिस ने मोबाइल फोन पर कॉल कर उसके साथ डीलिंग की। पिंप ने फोन पर बताया कि वह पंचशील विहार में अपने घर पर लड़कियां मुहैया कराएगा। उसने बताया कि घर पर तीन-चार सेक्स वर्कर्स हैं। एक लड़की का चार्ज पांच हजार रुपये होगा।
एसआई अमित चौधरी को फर्जी कस्टमर और पारस वर्मा को शैडो विटनेस बनाया गया। फर्जी कस्टमर पंचशील विहार में ए-115 में फर्स्ट फ्लोर पर पहुंच गया। पिंप ने उसे चार लड़कियां दिखाई। चारों ने इस कस्टमर की ओर अश्लील इशारे किए। इसी दौरान सिग्नल मिलने पर एसएचओ जरनैल सिंह की टीम ने रेड डाल दी। चारों लड़कियों और पिंप को गिरफ्तार कर लिया गया। डीसीपी ने बताया कि पिंप का नाम सुनील दुबे (29) है। लड़कियों की उम्र 19 से 26 साल के दरम्यान है।
डीसीपी ने बताया कि सुनील दुबे न्यू ईयर के जश्न में अपने रैकेट से खासी रकम कमाने का प्लान बना रहा था। पंचशील विहार में उसका किराए का घर है। यहां उसने चार लड़कियां रखी हुई थी। वह हर लड़की पर पांच हजार रुपये लेता था। इसमें वह अपना हिस्सा भी लेता था। पहले वह गाजियाबाद में ऑपरेट करता था, लेकिन एक महीना पहले क्रिसमस और नए साल के मौके पर ज्यादा कमाई के मकसद से वह साउथ दिल्ली में शिफ्ट हो गया था। उसने सुना था कि इन अवसरों पर साउथ दिल्ली में ज्यादा कमाई हो सकती है। ये लोग साकेत की मॉल्स में कस्टमर खोजते थे। सुनील दुबे कानपुर का मूल निवासी है। उसके पिता किसान हैं। वह गाजियाबाद में सेक्स रैकेट चलाने के मकसद से ही बसा था। वहां उसने कुख्यात दलाल रमेश से इस धंधे के गुर सीखे थे।
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